मेरी आँखों मे मोहब्बत की चमक आज भी है, मगर उसे मेरी मोहब्बत पर शक आज भी है, नावँ में बैठकर धोये थे उसने हाथ कभी, उस तालाब में मेहंदी की महक आज भी है।
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