रात दिन, सहमे हुए आँसू जो बहाये तूने,
हमें तेरी आशिक़ी का हर लम्हा, हर जमाना याद है।
वो डरती खामोशी के इनकार में इकरार तेरा,
तुझ से वो पहले-पहल का दिल लगाना याद है।
वो नादां सी हसी, वो चहरे की शिकन,
और तेेरा चोरी सेे वो आंखे चुुराना यााद हैै।
तुझे देख मुझे वो आंखों की चमक मेरी,
और तेरा दाँतों में वो उँगली दबाना याद है।।
मस्त मगन झूम कर इठलाना तेरा, देख मझे ,
दुपट्टे से तेरा वो मुँह छुपाना याद है।।
जान कर सोया रहता था मैं, तेेरी वो शरारत,
ओर फिर तेरा वो डरते हुये मुस्कुराना याद है,
तन्हा हुए हम कभी तो , तेरा एक फोन,
तुम ठीक तो हो, कह कर हमें रुलाना याद है।।
बिन कुछ कहे ही जान लेना दर्द के दिल मेरा,
हाल ए-दिल बातों ही बातों में जताना याद है।।
न कोई फिक्र, न कोई गम, पर बहाने हजार,
वो तेरा चोरी-छुपे वहां से यहां आना याद है।।
इस फरेबी दुनिया से तेरा लड़ना,
वक़्त से हारकर, ज़माने को हराना याद है।।
कशिश तेरी, वो महक तेरी,
वो तेरा रातों को मझे बुुुलाना याद है।।
वो खामोशी के अल्फाज तेरे,
तेरा रो रो के मझे रुलाना याद है।।
दोपहर की धूप में मेरे एक बार बुलाने पर,
तेरा वो नंगे पाँव दौड़ आना याद है।।
तेरी नजरों का कुसूर न सही,
तेरी पलकों का झिलमिलाना याद है।।
अपना जाना याद है तेरा बुलाना याद है,
मझे हर लम्हा हर फ़साना याद है।।
रातभर खट्टी मीठी बातें वो मोहब्बत की,
मनाते मनाते तेरा फिर ख़ुद रूठ जाना याद है,
चोरी चोरी हम से तुम आ कर मिलते थे जिस जगह,
वो स्कूटी की जन्नत, वो अंधेरी गलियां याद है।।
मुद्दतें गुज़रीं पर अब तक वो ठिकाना याद है,
शौक़ में बानज़ीर, तेरा वो लिपस्टिक लगाना याद है।।
और मेंरा वो छेड़ना, वो गुदगुदाना याद है,
आज तक तेरी भीगी आंखों का वो चिराग,
तुझे रोते हुए हँसाना याद है,
मझे हर लम्हा , हर वो फ़साना याद है।।
बहुत खूब लिखा है।
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