उसके ना मिलने का मलाल तो।रहेगा,
खुद को लाख समझाया पर सवाल तो रहेगा।
और मैने ऐसा क्या किया,
की मैं अपनी मोहब्बत का भी हकदार नहीं था क्या,
खुदा से मेरा ये सवाल तो रहेगा।।
सोचूं तो तमाम उम्र मैने तेरी मोहब्बत में गुजर दी,
देखूं तो जो मेरा था वो ही मेरा नही हो पाया।।
एक और बार छू कर आजाद करदे मुझे,
मैं आज भी उस एहसास के कैद में हूं
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