Friday, 16 March 2018

ये हक़ ह तुमको।

तुम मुझे भूल भी जाओ तो ये हक़ है तुमको।
मेरी बात और है मैंने तो मुहब्बत की है।

मेरे दिल की, मेरे जज़बात की कीमत क्या है।
उलझे-उलझे से ख्यालात की कीमत क्या है।

मैंने क्यूं प्यार किया तुमने न क्यूं प्यार किया।
इन परेशान सवालात कि कीमत क्या है।

तुम जो ये भी न बताओ तो ये हक़ है तुमको।
मेरी बात और है मैंने तो मुहब्बत की है ।

तुम मुझे भूल भी जाओ तो ये हक़ तूमको।
इश्क़ ही एक हक़ीकत नहीं कुछ और भी है ।

तुम अगर आँख चुराओ तो ये हक़ है तुमको
मैंने तुमसे ही नहीं सबसे मुहब्बत की है ।

तुम अगर आँख चुराओ तो ये हक़ है तमको।
तुम अगर मुझे भूल भी जाओ तो ये हक़ ह तुमको।।

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